
सब की अपनी दुनिया
और सपनों के संजोग
सबकी अपनी आशाएं
सबकी अपनी उम्मीद
सब का अपना संघर्ष
सब की अपनी जीत
सब के अपने आँगन
और साँझ के दीप
सबकी अपनी पूजा
सबके देव गीत
सबके अपने रिश्ते
और रिश्तो का अपना भाव
अपना परिभाषित समर्पण
और उस परिभाषा का चाव
सबके अपने आंसू
सबके अपने घांव
सबके अपने मरहम
अपनी सब की छांव
सबके अपने शेष जन
और अपने नाते शेष
सबकी अपनी कड़वाहट
स्नेह, प्रेम, राग - द्वेष
अपने प्यारे लोग
सब के अपने सपनेऔर सपनों के संजोग
सबकी अपनी आशाएं
सबकी अपनी उम्मीद
सब का अपना संघर्ष
सब की अपनी जीत
सब के अपने आँगन
और साँझ के दीप
सबकी अपनी पूजा
सबके देव गीत
सबके अपने रिश्ते
और रिश्तो का अपना भाव
अपना परिभाषित समर्पण
और उस परिभाषा का चाव
सबके अपने आंसू
सबके अपने घांव
सबके अपने मरहम
अपनी सब की छांव
सबके अपने शेष जन
और अपने नाते शेष
सबकी अपनी कड़वाहट
स्नेह, प्रेम, राग - द्वेष
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें